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VOL. 4, ISSUE 4 (2019)
बघेलखण्ड के स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानी वीर रणमत सिंह
Authors
रश्मि सिंह
Abstract
सन् 1857 की क्रांति का प्रभाव भारत की अन्य इकाइयों की भांति बघेलखण्ड पर भी पड़ा था। बघेलखण्ड में विद्रोह का स्वरुप स्थानीय परिस्थितियों के कारण ब्रिटिश भारत से कुछ भिन्न अवश्य था, किन्तु उनका उद्देश्य भी भारत को अंग्रेजों की दासता से मुक्त कराना था। बघेलखण्ड के स्थानों जिन पर विद्रोह का विशेष प्रभाव पड़ा रीवा, बरौंधा, डभौरा, बिलासपुर और जबलपुर के मध्यवर्ती भाग मैहर, सोहागपुर और विजयराधवगढ़ आदि प्रमुख थे। इस क्रांति के प्रमुख सेनानी ठाकुर रणमत सिंह की जागीरें रीवा तथा पन्ना राज्य में थी। उन्होने अपने साथियों सहित नागौद, भिल्लसांय, चित्रकूट, नौगाँव और क्योंटी में अंग्रेजो से लोहा लिया। अतः बघेलखण्ड के स्वतंत्रता संग्राम मंे ठाकुर रणमत सिंह ने अ़िद्वतीय भूमिका निभाई जिसका हमारा देश सदा ऋणी रहेगा। अतः मेरा उद्देश्य सन् 1857 में बघेलखण्ड की परिस्थिति पर प्रकाश डालना तथा ठाकुर रणमत सिंह का 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को प्रकाश मंे लाना।
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Pages:68-69
How to cite this article:
रश्मि सिंह "बघेलखण्ड के स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानी वीर रणमत सिंह". International Journal of Advanced Research and Development, Vol 4, Issue 4, 2019, Pages 68-69
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