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VOL. 4, ISSUE 3 (2019)
भारत में कृषि विपणन की आवश्यकता एवं कृषि उपज कीमत प्रणाली की समीक्षा
Authors
प्रभाकर सिंह, सचिन कुमार सिंह, प्रमोद कुमार सिंह
Abstract
कृषि विपणन, कुल विपणन का एक छोटा प्रतिरूप है इसमें वे समस्त क्रियाएँ तथा नीतियाँ समाहित है जिसके प्रभाव से उत्पादित फसल को किसान बाजार तक ले जाते हैं। एक अनुकुलतम विपणन हमेशा लागत को कम करता है तथा लाभ को अधिकतम करता है। इस प्रक्रिया में यह ध्यान दिया जाता है कि किसानों को उचित प्रतिफल मिले साथ ही उपभोक्ताओं को कम कीमत पर अनाज मिले और मध्यम वर्ग के आय का कुछ अंश भी बचे। वस्तुतः कृषि विपणन कृषि उत्पादों के भण्डारण, प्रस्करण व व्यापार का सम्मिलित रूप है। कृषि के उन्नत के साथ कृषि विपणन व्यवस्था का उन्नत होना आवश्यक है। कृषि कीमत से उत्पादनकर्ता और उपभोक्ताओं पर प्रभाव पड़ता है। कीमत प्रणाली एक तरफ उत्पादन को प्रोत्साहन प्रदान करती है तो वहीं दूसरी तरफ कृषि उत्पादों की बाजारीकृत बचत को एकत्रित करने की भूमिका निभाती है, साथ ही यह संसाधन के बटवारे को भी प्रभावित करती है। प्रस्तुत शोध आलेख में भारत में कृषि विपणन की आवश्यकता एवं कृषि उपज कीमत प्रणाली की समीक्षा की गयी है।
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Pages:60-63
How to cite this article:
प्रभाकर सिंह, सचिन कुमार सिंह, प्रमोद कुमार सिंह "भारत में कृषि विपणन की आवश्यकता एवं कृषि उपज कीमत प्रणाली की समीक्षा". International Journal of Advanced Research and Development, Vol 4, Issue 3, 2019, Pages 60-63
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