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VOL. 3, ISSUE 2 (2018)
शांति और सतत् विकास के लिए लैंगिक समानता
Authors
रेणु
Abstract
आज हमारा समाज यद्यपि आधुनिक बनता जा रहा है परन्तु इस आधुनिकता के बावजूद भी कुछ पुरानी रूढ़ियों में जकड़ा हुआ है। हिन्दु धर्म में लक्ष्मी, दुर्गा और सरस्वती की पूजा की जाती है परन्तु फिर भी लड़की को लड़के से कम आंका जाता है। जन्म के बाद से ही लड़की को यह अहसास दिलाना शुरू कर दिया जाता है कि ’वह एक लड़की है’ और उसे सबकी बात माननी पड़ेगी यानि लड़की होना ही उसका अपराध है अर्थात् हमारी मानसिकता ही इस भेदभाव का कारण है। हमें यह समझना होगा कि प्रकृति ने जब किसी में कोई भेदभाव नहीं किया तो हम क्यों करे और समाज में इस मानसिकता का जन्म तभी होगा जब हर व्यक्ति समाज में लड़की को लड़के के बराबर अधिकार व सम्मान मिल पाएगा।
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Pages:801-803
How to cite this article:
रेणु "शांति और सतत् विकास के लिए लैंगिक समानता". International Journal of Advanced Research and Development, Vol 3, Issue 2, 2018, Pages 801-803
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