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VOL. 3, ISSUE 1 (2018)
मृद्भांड : भारतीय इतिहास एवं संस्कृति के महत्वपूर्ण स्त्रोत
Authors
अशोक कुमार
Abstract
प्राचीन भारतीय इतिहास की जानकारी अधिकत्तर पुरातात्विक स्त्रोतों पर निर्भर हैं और पुरातात्विक स्त्रोतों में मृद्भांड का स्थान महत्वपूर्ण हैं। प्रागैतिहासिक और आद्य ऐतिहासिक काल में तो मृद्भांड एतिहास की जानकारी के लिए मील के पत्थर के रूप में कार्य करते हैं। नव पाषाण काल, ताम्रपाषाण तथा हड़प्पा और वैदिक सभ्यता की अनेक जानकारियों पर प्रकाश केवल वहां के उत्खनन से प्राप्त मृद्भांडों के कारण ही पड़ पाया। मृद्भांडों से वर्तमान समय की कला, संस्कृति, आर्थिक प्रगति तथासामाजिक परम्पराओं की जानकारी होती हैं। मृद्भांड काल निर्धारण में भी अह्म भूमिका निभाते हैं। इसलिए पुरातत्वविद् किसी भी सभ्यता के अध्ययन के समय मृद्भांडों पर विशेष ध्यान देते हैं।
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Pages:873-874
How to cite this article:
अशोक कुमार "मृद्भांड : भारतीय इतिहास एवं संस्कृति के महत्वपूर्ण स्त्रोत". International Journal of Advanced Research and Development, Vol 3, Issue 1, 2018, Pages 873-874
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