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VOL. 2, ISSUE 5 (2017)
भारतीय संविधान और सामाजिक न्याय (एक विश्लेषण)
Authors
डाॅ0 नरेन्द्र सीमतवाल, अजय कुमार शर्मा
Abstract
प्रस्तुत शोध का तथ्य है कि असमानता, अन्याय एवं शोषणकारी परम्परागत भारतीय समाज के स्थान पर स्वतंत्रता एवं भाईचारे युक्त समाज की स्थापना का डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर का सपना साकार हो। यह शोध पत्र भारतीय संविधान और सामाजिक न्याय ये उद्देश्यों के मध्य सम्बन्धों का विश्लेषण करेगा। इसमें प्रयास किया गया है कि भारतीय समाज में सामाजिक न्याय की स्थापना हो तथा समाज का कमजोर, पीडित, दलित एवं शोषित वर्ग भी वैधानिक अधिकार प्राप्त कर मानवीय जीवन व्यतीत कर सके। सारांश में सामाजिक न्याय की नई धारणा भले ही नयेपन का एहसास कराने में नया विचार प्रतीत न हो, परन्तु सामान्य नागरिकों में नयेपन का एहसास कराने का सामर्थ रखती है।
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Pages:875-879
How to cite this article:
डाॅ0 नरेन्द्र सीमतवाल, अजय कुमार शर्मा "भारतीय संविधान और सामाजिक न्याय (एक विश्लेषण)". International Journal of Advanced Research and Development, Vol 2, Issue 5, 2017, Pages 875-879
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