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VOL. 2, ISSUE 5 (2017)
उच्च प्राथमिक शिक्षकों की संवेगात्मक बुद्धि का अध्ययन
Authors
डाॅ0 कविता मिततल, शशि चैधरी
Abstract
शिक्षा व्यक्तित्व का निर्माण भी करती है और श्रृंगार भी करती है। शिक्षा व्यक्ति की रचनात्मक शक्ति का विकास करती है। प्रत्येक समाज में शिक्षकों का स्थान अत्यन्त महत्वपूर्ण है। किसी भी राष्ट्र का भविष्य उस राष्ट्र के अध्यापकों की कुशलता पर निर्भर करता है। अतः शिक्षकों में अपने संवेगों की तथा दूसरे के संवेगों की अच्छी समझ होना आवश्यक है या कहा जा सकता है कि शिक्षण प्रक्रिया में शिक्षक की संवेगात्मक बुद्धि का प्रभाव पड़ता है। प्रस्तुत शोध अध्ययन में उच्च प्राथमिक षिक्षकों की संवेगात्मक बुद्धि के विभिन्न पक्ष जैसे-स्वयं के संवेगों का बोध, स्वंय के संवेगों का प्रबंधन, दूसरे के संवेगों का बोध तथा दूसरे के संवेगों के प्रबंधन को लिंग एवं विद्यालय प्रकृति के सन्दर्भ में अध्ययन किया गया है।
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Pages:769-774
How to cite this article:
डाॅ0 कविता मिततल, शशि चैधरी "उच्च प्राथमिक शिक्षकों की संवेगात्मक बुद्धि का अध्ययन". International Journal of Advanced Research and Development, Vol 2, Issue 5, 2017, Pages 769-774
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