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VOL. 2, ISSUE 3 (2017)
मध्य प्रदेश में ऊर्जा के नवीन संसाधनों के विकास में, मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम को शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई राशि का उपयोगित राशि से विश्लेषण
Authors
डाॅ0 अंशुजा तिवारी, देवकन्या गुप्ता
Abstract
भारत में प्राकृतिक तेल के भण्डार सीमित है, एवं पेट्रोलियम पदार्थो की मांग के अधिकांश भाग की पूर्ति मूलतः आयात पर निर्भर हे। जिससे भारतवासियों को कई प्रकार की आर्थिक समस्योंओं से रूबरू होना पड़ता है इसका ज्वलंत उदाहरण गैस टंकियों में होने वाली सप्लाई पेट्रोल के दामो मेें दिन प्रतिदिन होने वाली बढ़ोतरी व बिजली दरों का पिछले वर्षो मेे बढ़ जाना साफ तौर पर देखा जा सकता हैं। तीनों ही उत्पाद प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से मनुष्य के व्यवहार में आमूल चूल परिवर्तन लाते है, क्योकि बढ़ती मंहगाई व आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए व्यक्ति गलत मार्ग को अपनाने में भी एक पल नही सोचता, इस हेतु वर्तमान समय की मुख्य समस्या को हल करने हेतु आवश्यक हो जाता है समस्या के समाधान के विभिन्न पहलुओं पर गौर करे। इन समस्यओं के विविध समाधानों मे से एक है ऊर्जा केनवीनीकरणीय संसाधनों का उपयोग करना जैसे सौर ऊर्जा,पवन ऊर्जा इत्यादि, इनके प्रयोग से हम ऊर्जा की प्राप्ति में होने वाली विविध बाधाओं से उभर सकते है इस हेतु म.प्र. मे सन् 1982 में म.प्र. ऊर्जा विकास निगम की स्थापना की गई। जिसने विगत लगभग 33 वर्षो में निरतंर सफलता के नये आयाम स्थापित किये।
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Pages:175-182
How to cite this article:
डाॅ0 अंशुजा तिवारी, देवकन्या गुप्ता "मध्य प्रदेश में ऊर्जा के नवीन संसाधनों के विकास में, मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम को शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई राशि का उपयोगित राशि से विश्लेषण". International Journal of Advanced Research and Development, Vol 2, Issue 3, 2017, Pages 175-182
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